Monthly Archives: दिसम्बर 2012

kyon

KYON KHOTA TU IS JAG ME, SAB SUVIDHAA KE HI HISSE HAIN, PASAND TU NAA KABHI KISI KO, YE TO JHOOTHE SE KISSE HAIN, EK BHI SAANS TERI YAHAAN KISI KO, SUKOON BHARI MANJOOR NAHI, UNAKE KARM KAA BAN JAA … पढना जारी रखे

एसाइड | Posted on by | टिप्पणी करे

“अहम् के सौन्दर्य का उपादान – निराशा की गर्त में जन मानस”

1.मासूम भोली सी मुस्कान लिये क्या गुनाह था उस भोली मुस्कान का , क्या खता थी उन मासूम सपनों की, क्या खता थी उस पिता की , जिसने अरमानो से उसको पाला , कैसे माँ वो सह पाती होगी , … पढना जारी रखे

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