Monthly Archives: मई 2013

‘’ किस काबिल हैं हम “

                                  सुना था ज्ञान शक्ति देता है , समझ देता है , सरोकार देता है परन्तु पिछले कुछ वर्षों में होने वाली दुखद घटनाओं ने एक प्रश्न दिया है जिसे समाज को स्वीकारना होगा और समाधान हासिल करने होंगे अन्यथा … पढना जारी रखे

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‘’ सत्य सार्वभौमिकता का या अहम् व्यक्तिवाद का ’’

ज्ञान की धरा के नाम से संबोधित होने वाली धरा किस तरह ‘’ व्यक्तिगत लालच एवं वीभत्स आचरण ‘’ का पर्याय बनती गई , कहाँ कमी रही या कहाँ इसे रोकने में हम सफल ना हुए या व्यक्तिगत आकांक्षा के … पढना जारी रखे

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‘’ महिला न्यायाधीश दहेज़ की दहलीज पर “

‘’ महिला न्यायाधीश दहेज़ की दहलीज पर “ मुख्य पृष्ठ दैनिक भास्कर के सानिध्य से — इतनी अधिक स्वीकार्यता है दहेज़ की तो क्यों ना इसे नियमान्तर्गत मान्यता मिले , रेट लिस्ट बने , रजिस्ट्री हो जैसे जमीन की होती … पढना जारी रखे

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